आपकी स्क्रीन पर इस वक्त दो तस्वीरें हैं। एक तस्वीर उस सरकारी अस्पताल की है, जहां एक महिला ने रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे, और दूसरी तस्वीर मुख्यमंत्री विजय थलापति की है, जहां उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा ऐलान किया। पहले आपको उस अस्पताल की कहानी बताते हैं, जहां सीएम विजय थलापति खुद पहुंचे और औचक निरीक्षण किया।
रिश्वत के आरोपों के बाद अस्पताल पहुंचे CM विजय
चेन्नई के एक सरकारी बच्चों के अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में अस्पताल के कुछ कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए थे। साथ ही अस्पताल की सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए गए थे। जैसे ही यह वीडियो मुख्यमंत्री विजय थलापति तक पहुंचा, उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल का दौरा किया। मुख्यमंत्री को अचानक अस्पताल में देखकर डॉक्टर और कर्मचारी भी हैरान रह गए।
निरीक्षण के दौरान विजय थलापति ने अस्पताल के कई वार्डों का दौरा किया। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से बातचीत की। अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन को सख्त चेतावनी दी गई कि यदि रिश्वत या भ्रष्टाचार की कोई शिकायत मिली तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना अस्पताल की जिम्मेदारी है।
इसी मामले में आरोपों के बाद अस्पताल में कार्यरत एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को भी सस्पेंड कर दिया गया। महिला ने इसी कर्मचारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
‘अगर कोई रिश्वत मांगे तो मेरा नाम लेना’
अस्पताल के निरीक्षण के बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय थलापति ने भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई आपसे रिश्वत मांगता है तो रिश्वत मत दीजिए। अगर कोई मजबूर करे तो उससे कहिए कि “मेरे भाई का राज चल रहा है, मैं रिश्वत नहीं दूंगा।”

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि किसी भी कीमत पर रिश्वत न दें और अपने अधिकारों के लिए डटकर खड़े रहें। इससे पहले विजय सरकार एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर चुकी है। सरकार ने कहा था कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी एक हजार रुपये की भी रिश्वत मांगता है, तो उसकी शिकायत कीजिए और सबूत भेजिए। शिकायत सही पाए जाने पर शिकायतकर्ता को एक लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।
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विजय का लक्ष्य भ्रष्टाचार का THE END
मुख्यमंत्री विजय थलापति का कहना है कि उनका लक्ष्य तमिलनाडू से भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करना है। हेल्पलाइन जारी होने के बाद कई लोगों ने वीडियो और अन्य सबूत सरकार को भेजे। कई मामलों में ट्रक ड्राइवरों और सरकारी दफ्तरों से जुड़े वीडियो भी सामने आए। सरकार का कहना है कि शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा इससे पहले भी विजय सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिन्होंने जनता का दिल जीता है
विजय सरकार के बड़े फैसले
इससे पहले भी मुख्यमंत्री विजय थलापति की सरकार कई ऐसे फैसले ले चुकी है, जिन्होंने तमिलनाडू ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा बटोरी है। सरकार ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना लागू की, सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बच्चियों को सोने की अंगूठी देने की योजना शुरू की, सरकारी बसों में महिलाओं और स्कूली छात्रों के लिए मुफ्त यात्रा जैसी सुविधाओं का विस्तार किया, निजी स्कूलों की फीस पर निगरानी के लिए नए नियम बनाए और भ्रष्टाचार के खिलाफ हेल्पलाइन शुरू कर रिश्वतखोरों पर सख्त कार्रवाई का अभियान चलाया। अब सरकारी अस्पतालों में औचक निरीक्षण और रिश्वत के आरोपों पर तुरंत कार्रवाई को भी इसी अभियान की अगली कड़ी माना जा रहा है।




