वो विजय थलापति जिन्होंने तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने फैसलों से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया, उन्हीं सीएम विजय के तमिलनाडु में सोमवार को एक साथ 17 कैदी जेल तोड़कर भाग निकले। सोमवार की रात करीब साढ़े दस बजे थे, जब तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी सब-जेल से एक साथ 17 कैदी जेल से भागते हैं। इस दुस्साहसिक घटना के बाद तमिलनाडु पुलिस में हड़कंप मच जाता है और रात में ही कैदियों की तलाश शुरू होती है। उधर, विपक्ष ने यह कहकर आरोप लगाने शुरू कर दिए कि ये विजय थलापति के ही लोग थे जो जेल तोड़कर भागे हैं। जब पुलिस शुरुआती दौर में कैदियों को नहीं पकड़ पाई, तब सीएम विजय थलापति ने ऐसा कड़ा एक्शन लिया जिसकी तारीफ अब हर तरफ हो रही है।
मिर्गी के दौरे का नाटक कर सुरक्षाकर्मियों पर किया हमला
दरअसल, सोमवार रात दस बजे ये सभी 17 कैदी एक ही बैरक में बंद थे। तभी एक कैदी ने जेल कर्मचारियों को जोर से आवाज देकर बताया कि उसके साथी कैदी की हालत बेहद बिगड़ गई है और उसे मिर्गी का दौरा पड़ा है। इंसानियत के नाते जैसे ही जेल के कर्मचारी बैरक की मदद के लिए पहुंचे, तो कैदियों ने उन पर एक साथ अचानक हमला कर दिया। सुरक्षा घेरा तोड़कर सभी कैदी अंधेरे का फायदा उठाते हुए जेल से फरार हो गए।
सुबह होते ही गरमाई राजनीति, विपक्ष ने घेरा
सुबह होते ही यह खबर पूरे राज्य में आग की तरह फैल गई और राजनीति गरमा गई। डीएमके (DMK) और बीजेपी (BJP) समेत पूरे विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री विजय थलापति को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। सरकार पर लगातार उठ रहे इन सवालों के बीच मुख्यमंत्री विजय ने खुद इस पूरे ऑपरेशन की कमान अपने हाथों में संभाली। उन्होंने तुरंत राज्य के डीजीपी महेश कुमार अग्रवाल को सख्त निर्देश दिए कि जब तक आखिरी कैदी पकड़ा नहीं जाता, पुलिस चैन से नहीं बैठेगी। सीएम ने दो टूक कहा, “मुझे हर कीमत पर ये कैदी वापस चाहिए।” मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलते ही डीजीपी ने भी फौरन सीनियर अफसरों की एक स्पेशल टीम को कैदियों की तलाश में लगा दिया।
घने जंगलों में छिपे बदमाशों को ढूंढने उड़ाए हाई-टेक ड्रोन
शुरुआत में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 4 कैदियों को तो तुरंत दबोच लिया, लेकिन बाकी बचे 13 कैदी थेनी के बेहद घने और बीहड़ जंगलों में जाकर छिप गए। इतने बड़े और जटिल जंगल में उन्हें ढूंढ पाना पुलिस के लिए आसान नहीं था। तभी सीएम विजय के आदेश पर पुलिस ने जमीन के साथ-साथ आसमान से निगरानी करने का फैसला लिया और हाई-टेक ड्रोन्स उड़ाए।
पुलिस ने इस तलाशी अभियान का एक 33 सेकंड का वीडियो भी जारी किया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ये कैदी पेड़ों के पीछे छिप-छिपकर भाग रहे हैं, लेकिन आसमान में मंडरा रही पुलिस की इस ‘तीसरी आंख’ यानी ड्रोन के कैमरों से वे खुद को नहीं बचा पाए। ड्रोन की मदद से उनकी सटीक लोकेशन का पता चला और जमीन पर मुस्तैद पुलिस टीम को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया गया।
UP Politics: यूपी के 5 ठाकुर बाहुबली नेता, 2027 में किस पार्टी के साथ दिखेगा किसका दम?
15 घंटे में 13 गिरफ्तार, फिल्मी स्टाइल में हुआ ‘द एंड’
ड्रोन से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने चारों तरफ से तगड़ी घेराबंदी करके जंगल में छिपे सभी 13 कैदियों को सफलतापूर्वक दबोच लिया। यानी महज़ 15 घंटे के भीतर ही 13 फरार कैदी दोबारा पुलिस की कस्टडी में आ गए। तमिलनाडु पुलिस ने इन सभी पकड़े गए कैदियों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर जारी की हैं। अब सिर्फ 4 कैदी ही फरार बचे हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। कुल मिलाकर, ये कैदी जेल से भागे भी बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में थे और पकड़े भी एकदम फिल्मी स्टाइल में ही गए।




