नई दिल्ली: 11 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ सैकड़ों छात्र जंतर-मंतर पर बैठे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक ने तीन दिन पहले भूख हड़ताल शुरू की थी। सोनम वांगचुक के साथ 8 और छात्र लगातार तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सभी लोग 45 डिग्री तापमान में सिर्फ पानी पीकर दिन-रात जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं।
इसी बीच सोमन वांगचुक की भूख हड़ताल के तीसरे दिन ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने प्रदर्शनकारियों को भी हैरान कर दिया। मोदी सरकार के जिस मंत्री के इस्तीफे की मांग जंतर-मंतर से उठ रही है, उसी पार्टी के अध्यक्ष के बयान पर अब नया विवाद खड़ा हो गया है।
BJP नेताओं के रवैये पर भड़के कॉकरोच
बीजेपी के कई नेता कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे हैं। पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक इंटरव्यू में इसे दहशतगर्दों की पार्टी बताया था। इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा,
“हमारे देश में वायरस और कॉकरोच जैसी पार्टियां आ गई हैं। ये वो लोग हैं जो देश को खोखला करना चाहते हैं। इन वायरस और कॉकरोच जैसे लोगों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। ये देश के टुकड़े करने वाले गैंग के लोग हैं। देश के टुकड़े करने वाले गैंग के लोगों को सबक सिखाने का काम BJP का कार्यकर्ता ही कर सकता है।”
इस बयान पर अभिजीत दीपके ने पलटवार करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक होने के बाद पूरे देश में 15 से ज्यादा बच्चों ने जान गंवाई है, लेकिन सरकार आज भी उन बच्चों का अपमान करने में लगी है। अभिजीत ने कहा,
“अगर मेरा नाम खालिद होता या फिर मैं मुसलमान होता, तो ये अब तक मुझे भी जेल में डाल चुके होते। लेकिन मेरा नाम अभिजीत दीपके है और मैं इनसे नहीं डरूंगा। जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा, तब तक ये कॉकरोच BJP का जीना दुश्वार कर देंगे।”
इधर, प्रदर्शनकारियों का दावा है कि तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई है। उनका कहना है कि सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर 66 तक रिकॉर्ड किया गया। अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर सोनम वांगचुक को कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की होगी। अभिजीत ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर कई लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं और बार-बार पानी की सप्लाई रोकी जा रही है। वॉशरूम से लेकर सड़क तक गंदगी फैली हुई है। एक तरफ भीषण गर्मी के बावजूद अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, तो दूसरी तरफ सरकार भी अपने रुख पर कायम है। अभी तक न तो धर्मेंद्र प्रधान को हटाया गया है और न ही इस्तीफे को लेकर कोई आश्वासन दिया गया है।




