यूपी के शामली के आयुष मलिक ने कुछ समय पहले इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम मोहम्मद अली रखा था। उस समय उन्होंने कई मीडिया इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया है और इस्लाम के लिए अपनी संपत्ति तक छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने इस्लाम को पढ़ने और वीडियो देखने के बाद यह फैसला लिया। हालांकि, इस मामले के सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ था। आयुष के पिता ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद कई दिनों तक मामला चर्चा में रहा और फिर शांत हो गया। अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें आयुष मलिक दोबारा हिंदू धर्म अपनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह अपने घर के मंदिर में पूजा करते, आरती करते, हनुमान जी को तिलक लगाते और अपनी मां के पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं।
हिंदू धर्म में वापसी के बाद आयुष ने एक वीडियो जारी कर कहा—
“मां, मैं इस्लाम धर्म में चला गया था, मैंने अपना धर्म बदल लिया था। लेकिन मैंने आपकी परेशानी को देखा। अब मैं परिवार के हिसाब से, अपने मन से अपने मूल धर्म, हिंदू धर्म में वापस आ गया हूं। मैं आपके और पापा के प्यार की छांव में रहना चाहता हूं। आप लोग मुझे माफ करिएगा।”
वीडियो में यह भी देखा गया कि आयुष ने अपनी दाढ़ी कटवा ली है और बाल भी छोटे करा लिए हैं। उनके पिता उन्हें मिठाई खिलाते हुए नजर आ रहे हैं।
पत्नी चांदनी का क्या हुआ?
आयुष ने करीब पांच साल पहले जिम ट्रेनर चांदनी से निकाह किया था। इसके बाद वह परिवार से अलग रहने लगे थे। वह नमाज पढ़ते थे, दाढ़ी रखते थे और टोपी पहनते थे। इसी मामले को लेकर परिवार और रिश्तेदारों ने सवाल उठाए थे। पुलिस ने इसे कथित धर्मांतरण से जुड़ा मामला मानते हुए जांच शुरू की थी। पुलिस ने चांदनी, उसके पिता और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। चांदनी के पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था।
पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह दावा किया गया कि आयुष एक ऐसे सोशल मीडिया पेज से जुड़े थे, जिसे कथित तौर पर पाकिस्तान का एक धार्मिक व्यक्ति संचालित करता था और धर्मांतरण से जुड़ी सामग्री साझा करता था। इसी आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई थी। अब आयुष दोबारा हिंदू धर्म में लौट आए हैं। वहीं सोशल मीडिया पर इस पूरे मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे आयुष का निजी फैसला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का दावा है कि उन पर दबाव डाला गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।




