एक वक्त था जब उत्तर प्रदेश में इन बाहुबली नेताओं की तूती बोलती थी। सड़क से लेकर सियासत तक इनका दबदबा दिखाई देता था और कई नेताओं का नाम सुनते ही बड़े-बड़े राजनीतिक समीकरण बदल जाते थे। लेकिन आज सवाल ये है कि इन चर्चित बाहुबली नेताओं के पास कितनी संपत्ति है? इनमें कौन सबसे अमीर है और कौन सबसे कम संपत्ति वाला है? आज हम आपको यूपी के 8 चर्चित बाहुबली नेताओं की चुनावी हलफनामों में घोषित संपत्ति का आंकड़ा बताएंगे।
हालांकि यहां यह साफ करना जरूरी है कि ये आंकड़े संबंधित नेताओं द्वारा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामों में घोषित संपत्ति पर आधारित हैं। मौजूदा समय में उनकी संपत्ति इससे अलग हो सकती है।
1. अतीक अहमद — करीब ₹25 करोड़
सबसे पहले बात करते हैं पूर्व सांसद और बाहुबली नेता अतीक अहमद की। अतीक अहमद अब इस दुनिया में नहीं हैं। 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में उनकी और उनके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई थी। अतीक अहमद ने 2019 के चुनावी हलफनामे में करीब 25 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी। हालांकि इसके बाद योगी सरकार में अतीक अहमद की कई संपत्तियों पर कार्रवाई हुई। कई संपत्तियां कुर्क और जब्त भी की गईं।
अतीक अहमद के परिवार की बात करें तो उनके बेटे उमर और अली कानूनी मामलों के चलते जेल में रहे हैं, जबकि उनके बेटे अब्बान की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। अतीक के परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की चर्चा उनके बड़े बेटे उमर को लेकर होती रही है।
2. राजा भैया — करीब ₹23.70 करोड़
दूसरे नंबर पर नाम आता है प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का। राजा भैया लगातार कई बार कुंडा से विधायक चुने गए हैं और फिलहाल अपनी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख हैं। राजा भैया ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 23 करोड़ 70 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी।
राजा भैया के दो बेटे हैं—कुंवर बृजराज प्रताप सिंह और कुंवर शिवराज प्रताप सिंह। दोनों जुड़वां हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने पिता के लिए प्रचार करते हुए भी नजर आए थे। माना जाता है कि भविष्य में दोनों अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं।
3. धनंजय सिंह — करीब ₹23.40 करोड़
तीसरे नंबर पर जौनपुर के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता धनंजय सिंह का नाम आता है। धनंजय सिंह ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 23 करोड़ 40 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। धनंजय सिंह अब विधायक या सांसद नहीं हैं, लेकिन जौनपुर की राजनीति में उनका प्रभाव आज भी दिखाई देता है। वह कई बार कानूनी मामलों के चलते जेल भी जा चुके हैं। फिलहाल उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में उनकी पत्नी श्रीकला रेड्डी की भी अहम भूमिका रही है।
4. सुशील सिंह — करीब ₹21.98 करोड़
चंदौली की सैयदराजा विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक सुशील सिंह भी पूर्वांचल के चर्चित बाहुबली नेताओं में गिने जाते हैं। 2022 के चुनावी हलफनामे में सुशील सिंह ने करीब 21 करोड़ 98 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। सुशील सिंह बाहुबली नेता बृजेश सिंह के भतीजे हैं और लंबे समय से सैयदराजा की राजनीति में सक्रिय हैं।
5. मुख्तार अंसारी — करीब ₹21.89 करोड़
पांचवें नंबर पर नाम आता है पूर्वांचल के सबसे चर्चित बाहुबली नेताओं में शामिल रहे मुख्तार अंसारी का। मुख्तार अंसारी ने 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 21 करोड़ 89 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को बांदा जेल में मौत हो गई। हालांकि उनकी राजनीतिक विरासत उनके बेटे अब्बास अंसारी ने आगे बढ़ाई। अब्बास अंसारी ने 2022 में अपने पिता की मऊ विधानसभा सीट से चुनाव जीता और विधायक बने। हालांकि मुख्तार अंसारी की कई संपत्तियों पर भी योगी सरकार में कार्रवाई हुई और कई संपत्तियां जब्त या कुर्क की गईं।
6. बृजेश सिंह — घोषित संपत्ति के अलग-अलग रिकॉर्ड
पूर्वांचल के बाहुबली नेता बृजेश सिंह का नाम भी यूपी की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहा है। बृजेश सिंह ने अपने चुनावी रिकॉर्ड में संपत्ति घोषित की है, हालांकि अलग-अलग चुनावी वर्षों के रिकॉर्ड में आंकड़े अलग रहे हैं। बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह भी राजनीति में सक्रिय हैं और एमएलसी रह चुकी हैं, जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी पूर्वांचल की राजनीति में सक्रिय हैं। बृजेश सिंह ने 2026 में एक बार फिर चुनावी राजनीति में सक्रिय होने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह की भी राजनीति में एंट्री की तैयारी की चर्चा है।
7. विजय मिश्रा — करीब ₹8.66 करोड़
ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्रा भी यूपी के चर्चित बाहुबली नेताओं में रहे हैं। 2022 के चुनावी रिकॉर्ड में विजय मिश्रा ने करीब 8 करोड़ 66 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी।
विजय मिश्रा फिलहाल जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल चुके हैं। 2026 में एक मामले में विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल की सजा सुनाई गई। विजय मिश्रा की कई संपत्तियों पर भी सरकारी कार्रवाई और कुर्की की जा चुकी है।
8. अभय सिंह — करीब ₹6.71 करोड़
अब बात करते हैं यूपी के इन आठ नेताओं में चुनावी हलफनामे के हिसाब से सबसे कम घोषित संपत्ति वाले नेता की। अयोध्या की गोसाईंगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अभय सिंह ने 2022 के चुनावी हलफनामे में करीब 6 करोड़ 71 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। अभय सिंह भी पूर्वांचल की राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं।
कौन सबसे अमीर और कौन सबसे गरीब?
अगर सिर्फ चुनावी हलफनामों में घोषित संपत्ति की बात करें तो इस सूची में अतीक अहमद करीब 25 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के साथ सबसे ऊपर नजर आते हैं। इसके बाद राजा भैया, धनंजय सिंह, सुशील सिंह और मुख्तार अंसारी का नंबर आता है। वहीं अभय सिंह करीब 6.71 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के साथ इस सूची में सबसे नीचे हैं।
लेकिन यहां एक बात समझना बेहद जरूरी है—किसी नेता के हलफनामे में घोषित संपत्ति और उसकी मौजूदा वास्तविक संपत्ति एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है। खासकर अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और विजय मिश्रा जैसे मामलों में बाद में सरकारी कार्रवाई, कुर्की और जब्ती भी हुई है।
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यानी इन आठ बाहुबली नेताओं की कहानी सिर्फ करोड़ों की संपत्ति की नहीं है। किसी ने राजनीति में अपना दबदबा कायम रखा, किसी के परिवार ने राजनीतिक विरासत संभाली, किसी की संपत्ति पर सरकारी कार्रवाई हुई तो किसी का परिवार आज भी कानूनी लड़ाइयों में उलझा हुआ है।
अब आप बताइए—आपके हिसाब से यूपी का सबसे बड़ा बाहुबली कौन रहा और इन नेताओं की राजनीतिक विरासत को कौन सबसे मजबूती से आगे बढ़ा रहा है?




