कौन हैं वकील उमर खालिद, जिन्होंने हाईकोर्ट में आयुष मलिक को दिलाई जीत

शामली के आयुष मलिक ने जब इस्लाम धर्म अपनाया था, तो पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया था। परिवार ने जबरन धर्मांतरण के आरोप लगाए थे। इसके बाद आयुष मलिक का पूजा करते हुए वीडियो जारी हुआ था और आयुष मलिक ने कहा था कि वह हिंदू धर्म में वापसी कर गए हैं। दुनिया को लगा था कि आयुष मलिक के धर्म परिवर्तन की कहानी यहीं पर खत्म हो गई है। लेकिन आयुष मलिक के दोस्त सलमान ने वह कदम उठाया, जिसने आयुष मलिक को अपनी मर्जी से अपना धर्म चुनने का अधिकार दिलाने की कानूनी लड़ाई शुरू कर दी।

दोस्त और वकील ने दिलाई आयुष को आज़ादी
दरअसल, जब आयुष मलिक को घर पर रखा गया था, तब उन पर पूजा-पाठ के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। इसी दौरान दोस्त सलमान ने इस पूरी कानूनी लड़ाई की शुरुआत की। आयुष मलिक कथित रूप से गायब हो गए थे। उस मुश्किल वक्त में जब कोई सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा रहा था, तब आयुष के दोस्त सलमान ने दोस्ती का फर्ज निभाया। सलमान ने बिना डरे सीधे इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और ‘बंदी प्रत्यक्षीकरण’ याचिका दायर कर दी। सलमान के इस कदम ने ही आयुष को आजादी दिलाई। सलमान की इस हिम्मत को आयुष मलिक के वकील उमर खालिद और APCR की कानूनी टीम का साथ मिला।

एडवोकेट उमर खालिद ने सूझबूझ और कानून की बारीकियों के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट में आयुष का पक्ष रखा। बिना किसी बाहरी दबाव में आए, उमर खालिद ने अदालत के सामने व्यक्तिगत आजादी और मानवाधिकारों से जुड़ी दलीलें रखीं। कोर्ट ने आयुष मलिक को पेश करने की मांग की थी। आयुष मलिक का बयान सुनने के बाद कोर्ट ने साफ कहा कि आयुष मलिक बालिग हैं और उन्हें अपनी मर्जी से धर्म चुनने का अधिकार है। उन पर कोई भी दबाव नहीं बनाया जा सकता।

कोर्ट में आयुष मलिक ने क्या कहा?

कोर्ट में खड़े होकर आयुष मलिक ने कहा कि उन्होंने 2014 में अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाया था और इस फैसले में किसी तरह का दबाव, धमकी, अनुचित प्रभाव या प्रलोभन नहीं था। आयुष ने कोर्ट में यह भी कहा कि वह चांदनी कुरैशी से शादी करने की इच्छा रखते हैं। इसके जवाब में कोर्ट ने कहा कि बालिग व्यक्ति को अपनी मर्जी से धर्म चुनने और अपने जीवनसाथी का चुनाव करने का संवैधानिक अधिकार है। जब कोर्ट ने फैसला सुना दिया, तो आयुष मलिक के पिता को भी अपनी जिद से पीछे हटना पड़ा। आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक ने कहा कि हाईकोर्ट का जो भी फैसला आया है, वह उन्हें मंजूर है। वह सिर्फ यही चाहते हैं कि आयुष मलिक अपने परिवार के साथ रहें।
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शुरुआत में देवराज मलिक ने ही चांदनी कुरैशी और उनके पिता पर आयुष को जबरन मुस्लिम बनाने का आरोप लगाया था। इसी के बाद चांदनी कुरैशी और उनके पिता को जेल हुई थी। लेकिन अब आयुष मलिक, यानी मोहम्मद अली, ने साफ कह दिया है कि वह चांदनी से शादी करेंगे और मुस्लिम बनकर जिंदगी बिताएंगे। हाईकोर्ट ने उन्हें इसकी मंजूरी दे दी है।

Gadar Tv
Author: Gadar Tv

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