26 जून को पूरे देश में मुहर्रम का त्योहार मनाया जाएगा। एक तरफ यूपी और बंगाल की सरकारों ने मुहर्रम को लेकर नए नियम और दिशानिर्देश जारी किए हैं, वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु में विजय थलापति की सरकार ने मुहर्रम से 24 घंटे पहले ऐसा फैसला लिया है जिसकी खूब चर्चा हो रही है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही विजय थलापति लगातार अपने फैसलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। विजय ने पहले भी कहा था कि उनकी प्राथमिकता जनता की भलाई है और राजनीति में आने का मकसद भी यही है। कुछ दिन पहले विजय थलापति का जन्मदिन भी था, जिसे उन्होंने सादगी के साथ मनाया। अब मुहर्रम से पहले उनकी सरकार का एक नया फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है।
यूपी और बंगाल में मुहर्रम को लेकर क्या नियम?
यूपी में योगी सरकार ने मुहर्रम के ताजियों की ऊंचाई को लेकर निर्देश जारी किए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में भी प्रशासन की ओर से ताजियों की ऊंचाई को लेकर नियम तय किए गए हैं। इसके अलावा बंगाल में मुहर्रम के जुलूसों के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाने, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि किसी भी प्रकार का भड़काऊ संदेश या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तमिलनाडु में विजय सरकार का बड़ा ऐलान
दूसरी तरफ तमिलनाडु सरकार ने मुहर्रम को लेकर कोई नया प्रतिबंधात्मक नियम घोषित नहीं किया है। इसी बीच विजय सरकार ने अपनी चुनावी घोषणा से जुड़ी एक बड़ी योजना शुरू करने का ऐलान किया है। सरकार के अनुसार ‘थाई मामन थंगा मोथिरम’ योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। बताया गया है कि इस योजना पर तमिलनाडु सरकार हर साल लगभग 755.83 करोड़ रुपये खर्च करेगी। विजय थलापति ने कहा है कि राज्य में सरकारी अस्पतालों को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।




