उज्जैन में शाही मस्जिद के बाहर हुए बवाल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब खुद मुस्लिम शाही मस्जिद का हिस्सा तोड़ रहे थे तो पत्थरबाज कौन थे, भीड़ में कौन-कहां से आया था, किसने लोगों को भड़काने की कोशिश की थी, अब तक कौन-कौन गिरफ्तार हुआ है?
कैसे शुरू हुआ मस्जिद का विवाद?
सबसे पहले समझिए ये विवाद कैसे शुरू हुआ। दरअसल, ये मामला सड़क चौड़ीकरण से शुरू हुआ। उज्जैन में जिस रास्ते पर शाही मस्जिद है, उस सड़क को चौड़ा किया जाएगा। शाही मस्जिद का जो हिस्सा सड़क की जद में आ रहा है, उसे हटाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन और मस्जिद से जुड़े लोगों के बीच समझौता हुआ था। मस्जिद पर बुलडोजर नहीं चलेगा, मस्जिद कमेटी और समाज के लोग खुद इसे हटाएंगे। सोमवार सुबह ये काम शुरू हुआ। मस्जिद के हिस्से को तोड़ते हुए मुस्लिमों के कई वीडियो सामने आए। किसी की आंखों में आंसू थे तो कोई रोते हुए मस्जिद के हिस्से को तोड़ रहा था। लेकिन तभी वहां लगी बैरिकेडिंग के पास बड़ी संख्या में भीड़ जुटने लगी और इसके बाद अचानक माहौल बदल गया।
पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े और पथराव भी हुआ। यहां तक कि पुलिस ने कई वीडियो में लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटती दिखाई दे रही है। लेकिन सवाल जब मुस्लिम समाज के लोग खुद मस्जिद का हिस्सा तोड़ रहे थे तो फिर माहौल को बिगाड़ने वाले कौन थे? पुलिस तीन एंगल से जांच कर रही है। पुलिस को शक है कई लोग बाहर से आए थे, पुलिस को शक है कई लोग बाहर से आए थे और माहौल भड़काने में इन लोगों की भूमिका हो सकती है। पुलिस ने अब तक 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। कई इन्फ्लुएंसर को सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन, लोकेशन, कॉल डिटेल, CCTV और दूसरे डिजिटल सबूतों को भी जोड़ रही है, जिससे यह पता चल सकता है कि कौन पहले उज्जैन पहुंचा, कौन किसके संपर्क में था और घटना के वक्त उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी। पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों को तलाशना शुरू कर दिया है। कई दिन से उज्जैन के मुस्लिम शांति के साथ मस्जिद को बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। ना किसी ने भड़काऊ बयान दिया था, ना कोई विवाद की बात की थी। खुद ही मस्जिद का हिस्सा हटाने के लिए मजबूरन तैयार हो गए थे। लेकिन इसके बाद भी माहौल बिगड़ा। मस्जिद से जुड़े लोगों का कहना है उनके लोगों ने पथराव की शुरुआत नहीं की। ये कैसे शुरू हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने उज्जैन के मुस्लिमों को सलाम किया था और कहा था, “मैं उज्जैन के मुसलमानों को सलाम करता हूं जो शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं।” अब सोमवार को विवाद के बाद आज मंगलवार को भी दूसरे दिन मुस्लिम वर्ग के लोग खुद ही शाही मस्जिद का हिस्सा तोड़ रहे हैं। मुस्लिम वर्ग खुद प्रशासन की मदद कर रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के सामने मजबूर होकर और आंखों में आंसू लेकर मुस्लिम खुद ही हिस्से को हटाने के लिए उतर गए, ताकि विवाद से बचा जा सके।




