नई दिल्ली: आज सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 21वां दिन था। जब आधा हिंदुस्तान सो रहा था, उसी वक्त जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस ने ऐसा एक्शन लिया, जिसे देखकर पूरा देश हैरान रह गया। 24 घंटे पहले डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक के ऑर्गन फेल होने की चेतावनी दी थी, लेकिन आज सुबह होते ही सादी वर्दी में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी।
दिल्ली पुलिस के जवान सुबह करीब सात बजे सीधे सोनम वांगचुक के पास पहुंचे। मंच पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की, लेकिन धक्का-मुक्की के बीच पुलिस ने पूरे मंच पर कब्जा कर लिया। इसके बाद पुलिस और सेंट्रल फोर्स के जवानों ने सोनम वांगचुक के मंच को सफेद चादरों से ढक दिया और उसके पीछे से उन्हें उठाकर बाहर ले जाने लगे।
इसी बीच जंतर-मंतर पर बवाल मच गया। छात्रों और अभिजीत दीपके ने पुलिस को रोकने की कोशिश की। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस सोनम वांगचुक को उठाकर एंबुलेंस तक ले गई और फिर एंबुलेंस से उन्हें जंतर-मंतर से बाहर निकाल दिया गया। सोनम वांगचुक की तबीयत अब कैसी है और पुलिस ने उन्हें किस अस्पताल में रखा है, सभी इन सवालों की जवाब की तलाश थी
अभिजीत दीपके ने शुरू की भूख हड़ताल
पुलिस की कार्रवाई के बाद कोकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी। अभिजीत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सोनम वांगचुक के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें जबरन अस्पताल ले गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की। अभिजीत ने कहा कि अब वे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हैं।
इसी के साथ अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल की शुरुआत कर दी। दूसरी तरफ पुलिस ने जंतर-मंतर को खाली कराना भी शुरू कर दिया। दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर अनुराग कुमार ने कल ही पदभार संभाला था। यानी एक दिन पहले ही उनका दिल्ली ट्रांसफर हुआ और उनके आते ही 24 घंटे के भीतर यह बड़ी कार्रवाई हो गई।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश और सोनम वांगचुक की बिगड़ती मेडिकल स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उन्हें सफदरजंग अस्पताल में मेडिकल निगरानी में रखा गया है।
पुलिस ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल पहुंचा दिया, लेकिन अब उनकी पत्नी गीतांजलि ने साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि परिवार और उनकी सहमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई भी दवा, चाहे मुंह से हो या नस के जरिए, नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह खुद अस्पताल में मौजूद हैं और सोनम वांगचुक की सेहत पर लगातार नजर रख रही हैं।
If you still chose to sit and home and just watch the very Idea of India getting ripped apart, then you too are a “Gaddar” my friend.
Reach Jantar Mantar right away and show that you love this country more than anything else! pic.twitter.com/h72Q6CKLYG
— Jatin (@ja3_bajaj) July 18, 2026
तीन फेज में कैसे चला पूरा ऑपरेशन?
जब अभिजीत दीपके जंतर-मंतर से बाहर थे, उसी दौरान दिल्ली पुलिस ने तीन फेज की योजना के तहत सोनम वांगचुक को वहां से बाहर निकाला। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन की प्लानिंग बेहद गुप्त तरीके से की गई थी। दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के कार्यभार संभालने के बाद हुई पहली बड़ी बैठक में सबसे अहम मुद्दा यही था कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से कैसे हटाया जाए। लंबी चर्चा के बाद फैसला लिया गया कि कार्रवाई सुबह उस वक्त की जाएगी, जब प्रदर्शन स्थल पर सबसे कम लोग मौजूद हों, ताकि किसी तरह का हंगामा या टकराव न हो।
इतना ही नहीं, पुलिस ने उस समय का भी इंतजार किया जब सोनम वांगचुक के सबसे करीबी सहयोगी अभिजीत दीपके कुछ देर के लिए जंतर-मंतर पर मौजूद नहीं थे और बाहर गए हुए थे।
इसी दौरान करीब 30 से 35 पुलिसकर्मी, जिनमें नई दिल्ली स्पेशल स्टाफ और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे, सादे कपड़ों में बैरिकेडिंग के अंदर पहुंच गए।
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पहला चरण
सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले मंच को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद सोनम वांगचुक के बिस्तर को चारों तरफ से बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया गया, ताकि वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी न मचे। फिर उन्हें उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया।
दूसरा चरण
सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने बैरिकेडिंग के बाहर मोर्चा संभाल लिया। उनकी जिम्मेदारी थी कि प्रदर्शनकारियों को शांत रखा जाए और किसी भी तरह की झड़प न होने पाए।
तीसरा चरण
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कंट्रोल पॉइंट से पूरे ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए हुए थे। एंबुलेंस और पुलिस की हर गाड़ी की मूवमेंट पर बारीकी से निगरानी रखी जा रही थी।
जैसे ही सोनम वांगचुक को एंबुलेंस में बैठाया गया, ट्रैफिक पुलिस ने पहले से तैयार ग्रीन कॉरिडोर एक्टिव कर दिया। पूरा रास्ता खाली करा दिया गया और एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के सीधे सफदरजंग अस्पताल पहुंच गई।
उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई से पहले आरएमएल अस्पताल के डॉक्टर और पैरामेडिकल टीम जंतर-मंतर पहुंची थी। वहां सोनम वांगचुक का हेल्थ चेकअप किया गया। डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। इसके बाद सफदरजंग अस्पताल में उनके इलाज के लिए दो डॉक्टरों और दो पैरामेडिक्स की विशेष टीम भी पहले से तैनात कर दी गई। ऑपरेशन पूरा होने के कुछ देर बाद जब अभिजीत दीपके प्रदर्शन स्थल पर लौटे, तो उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गैरमौजूदगी में ही सोनम वांगचुक को वहां से हटाया गया। उन्होंने इस कार्रवाई के विरोध में खुद भी अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए, अधिकतम संयम और शांतिपूर्ण तरीके से की गई।




