राम मंदिर में 200 करोड़ से ज्यादा का चंदा चोरी हुआ, पूरी दुनिया में हिंदुओं के आस्था के सबसे बड़े केंद्र की सुरक्षा पर सवाल उठे। पूरे देश की मांग है कि राम मंदिर से चंदा चुराने वालों को बेहद कड़ी सजा दी जाए, लेकिन पुलिस बड़ी मछली को छोड़कर छोटे-छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार करती रही, जबकि बड़े जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अयोध्या से लेकर दिल्ली तक, राम मंदिर में आस्था रखने वाला हर इंसान इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करता रहा, लेकिन आज अयोध्या के वकीलों ने ऐसा ऐलान कर दिया है जिसे सुनकर योगी आदित्यनाथ भी हैरान होंगे। एक तरफ अयोध्या के सभी वकीलों ने हुंकार भरी, दूसरी तरफ केजरीवाल और अखिलेश यादव ने ऐसा पलटवार किया कि यूपी से लेकर दिल्ली तक सियासत गर्म हो गई।
चंदा चोरों को वकीलों की चेतावनी
फैजाबाद बार एसोसिएशन की बैठक में फैसला हुआ कि कोई भी वकील राम मंदिर दान चोरी के आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। अगर किसी वकील ने केस लड़ा तो उस पर कार्रवाई होगी और पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़ने की चेतावनी दी है। वकीलों ने कहा कि अगर ये तीनों तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़कर नहीं गए तो वकील पूरी अयोध्या को जाम कर देंगे। वकीलों ने मांग की है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए क्योंकि इन्हीं के संरक्षण में राम मंदिर का चंदा चोरी हुआ है। राम मंदिर में नकली कैमरे लगे थे, ये लोग कैमरों को ब्लॉक करके चंदे का करोड़ों रुपया चुरा रहे थे और किसी को पता नहीं चला। सबकुछ इन्हीं की मिलीभगत से हुआ है। जितनी जल्दी हो पुलिस और सरकार को इनके खिलाफ एक्शन लेना चाहिए।
अखिलेश और केजरीवाल ने फिर बोला हमला
दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल ने नया दावा कर दिया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चंदा चोर अब योगी आदित्यनाथ को ही कुर्सी से हटाना चाहते हैं। अगर योगी आदित्यनाथ हमारा साथ दे दें तो हम इन सब चंदा चोरों का पर्दाफाश कर देंगे, हमारे पास इनके खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। इसी तरह अखिलेश यादव ने भी बीजेपी पर हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि अब चढ़ावा चोरी से बीजेपी का असली चेहरा सामने आया है। जो चढ़ावा चोरी कर सकते हैं, वो सांसद और वोट चोरी क्यों नहीं कर सकते। राम जी की कृपा है कि बीजेपी चंदा चोरी के मामले में फंस गई है। इनके लिए नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट है। अखिलेश यादव ने कहा कि इसीलिए अयोध्या की जनता ने 2024 में इनको हराया था। ये अब भी असली गुनहगारों को बचाना चाहते हैं।




