भरत तिवारी की मौत के बाद पूरे बिहार में गुस्सा देखने को मिल रहा है। भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के समर्थन में हुई महापंचायत ने बिहार पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचे और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग उठाई।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें खुद को भरत तिवारी का चचेरा भाई बताने वाले आशीष तिवारी ने बड़ा बयान दिया। पंचायत में आशीष तिवारी ने कहा कि अगर सात दिन के अंदर भरत तिवारी को इंसाफ नहीं मिला तो वह खुद भी भरत तिवारी बन जाएगा। उसने दावा किया कि वह अपने भाई के इंसाफ की लड़ाई लड़ने के लिए बिहार पुलिस की नौकरी छोड़ चुका है। हालांकि, कुछ ही देर बाद मामले में नया मोड़ आ गया। भरत तिवारी के परिवार ने आशीष तिवारी को पहचानने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि आशीष उनका चचेरा भाई नहीं है। परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उसने बिहार पुलिस की नौकरी छोड़ी है या नहीं। दूसरी तरफ भरत तिवारी के परिवार और गांव वालों ने महापंचायत में बिहार सरकार के सामने तीन बड़ी मांगें रखीं।
महापंचायत में रखी गईं 3 मांग
पहली मांग – जिन पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर भरत तिवारी की मौत के आरोप हैं, उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और गिरफ्तारी की जाए।
दूसरी मांग – भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
तीसरी मांग – पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। परिवार का कहना है कि उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है।
महापंचायत में यह भी कहा गया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। फिलहाल मामले में पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जबकि भरत तिवारी के परिवार और गांव वालों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है




