हसनपुर विधानसभा, उत्तर प्रदेश की सियासत का वो गढ़, जहां महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने लगातार दो बार चुनाव जीतकर इतिहास रचा, लगातार 10 साल विधायक रहने के बाद अब महेंद्र सिंह खड़गवंशी तीसरी बार हसनपुर विधानसभा में पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरे हैं।
किसान परिवार में जन्मे, गांव के प्रधान से शुरू किया सियासी सफर
हसनपुर के अगरौला कलां गांव में एक साधारण किसान के घर जन्मे महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने अपनी पहचान जमीनी स्तर पर बनाई। स्थानीय लोगों के बीच मजबूत पकड़ के चलते उन्होंने राजनीति में कदम रखा और गांव के प्रधान बन गए। इसके बाद तो महेंद्र सिंह खड़गवंशी सियासत में सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए। 2005 में जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब महेंद्र सिंह खड़गवंशी निर्दलीय चुनाव जीतकर ब्लॉक प्रमुख बने। 2009 में फिर से उन्होंने ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीता। इसी तरह संगठन के कार्यों और स्थानीय लोगों की मदद करते-करते वो बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की नजर में आ गए और 2012 में पहली बार उन्हें बीजेपी ने हसनपुर विधानसभा के चुनावी मैदान में उतारा। इस चुनाव में महेंद्र सिंह खड़गवंशी तीसरे नंबर पर रहे थे, लेकिन इसके पांच साल बाद ही 2017 में उसी महेंद्र खड़गवंशी ने राजनीति के पंडितों को हैरान कर दिया। बीजेपी की लहर में महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने करीब 28 हजार वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत हासिल की। जो नेता 2012 में तीसरे नंबर पर था, वो 2017 में बड़ी जीत हासिल करके विधायक बना। इसके बाद 2022 में बीजेपी ने फिर से महेंद्र खड़गवंशी पर भरोसा जताया और इस बार भी महेंद्र खड़गवंशी बीजेपी हाईकमान के भरोसे पर खरे उतरे और 2022 में करीब 22 हजार वोटों के अंतर से ही जीत हासिल की।

2022 के हलफनामे के अनुसार कितनी संपत्ति?
2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, महेंद्र सिंह खड़गवंशी के पास करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये की संपत्ति है और उनके खिलाफ एक भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। महेंद्र सिंह खड़गवंशी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बेहद करीबी माना जाता है। 2022 में योगी आदित्यनाथ तीन-तीन बार हसनपुर में महेंद्र सिंह खड़गवंशी का प्रचार करने आए थे। अब आते हैं उस समीकरण पर, जिसके दम पर महेंद्र खड़गवंशी ने दो बार हसनपुर में जीत का परचम लहराया है। हसनपुर विधानसभा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3 लाख 64 हजार है। हसनपुर सीट पर करीब 1 लाख मुस्लिम मतदाता हैं, लेकिन ओबीसी का वोट सबसे ज्यादा लगभग 1 लाख 65 हजार की संख्या में है। इसमें खड़गवंशी करीब 95 हजार की संख्या में आते हैं। एससी वोट भी लगभग 60 हजार के आसपास है। माना जाता है, इस सीट पर यही हार-जीत तय करते हैं।
10 साल में विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने कौन से बड़े काम किए
अब सवाल आता है महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने 10 साल में विधानसभा में कौन से बड़े कार्य किए हैं। महेंद्र सिंह खड़गवंशी के समर्थक पिछले 10 साल के जिन विकास कार्यों का दावा करते हैं, उसकी फेहरिस्त भी बेहद लंबी है।
हसनपुर के रखेड़ा गांव में जहां दूर-दूर तक इलाज की सुविधा नहीं थी, वहां आधुनिक सरकारी अस्पताल का निर्माण कराया। आज ये अस्पताल सुचारू रूप से चल रहा है।
गांव सोहत में 24 करोड़ की लागत से ‘मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल’ बनवाया, 26 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक आश्रम पद्धति स्कूल का निर्माण कराया गया, जहां बच्चे हॉस्टल की सुविधा के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा उझारी-बुरावली रोड पर भी बिजनौरा के पास दूसरा सरकारी स्कूल बनवाया गया।
बिजली की किल्लत दूर करने के लिए चचौरा में 132 केवी का विशाल बिजली घर और पूरी विधानसभा में 11 केवी के 7 नए बिजली घर बनवाए गए।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हसनपुर के नए तहसील भवन और आधुनिक रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण भी महेंद्र सिंह खड़गवंशी के कार्यकाल में ही हुआ।
हसनपुर विधानसभा की बरसों से बदहाल और जर्जर सड़कों का बड़े पैमाने पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम किया गया।
ऐसे ही सैकड़ों काम पिछले दस साल में विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी के कार्यकाल में हुए हैं।




