तमिलनाडू में विजय थलापति सरकार के कार्यकाल का पहला मुहर्रम इस बार चर्चा में रहा। एक तरफ राज्य के कई इलाकों में हिंदू और मुस्लिम समुदाय ने मिलकर मुहर्रम का त्योहार मनाया, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विजय थलापति ने भी अपने अलग अंदाज़ से लोगों का ध्यान खींचा। तमिलनाडू सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि मुहर्रम के मौके पर कोई नया नियम या प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा और सभी लोग शांति व सौहार्द के साथ त्योहार मना सकेंगे। इसके बाद राज्य के कई हिस्सों से सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीरें सामने आईं।
तमिलनाडू में हिंदुओं ने भी उठाया ताजिया
तंजावुर जिले के कसावलनाडू पुदुर गांव में हिंदू परिवारों ने मुस्लिम समुदाय के साथ मिलकर मुहर्रम मनाया। गांव के लोगों का कहना है कि उनके पूर्वज करीब 300 सालों से इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। कई हिंदू परिवारों ने रोज़ा रखा और ताजिया बनाने में भी हिस्सा लिया। इसी तरह शिवगंगा जिले के मुथुवंथिदल गांव में, जहां केवल एक मुस्लिम परिवार रहता है, वहां भी पूरे गांव ने मिलकर मुहर्रम का जुलूस निकाला और भाईचारे की मिसाल पेश की। तमिलनाडू के कई गांवों में इस तरह हिंदू और मुस्लिम समुदाय ने मिलकर मुहर्रम मनाया।
मुहर्रम पर विजय थलापति ने जीता दिल
इधर जब पूरे राज्य में मुहर्रम के कार्यक्रम चल रहे थे, उसी दौरान मुख्यमंत्री विजय थलापति एक अलग कार्यक्रम में नजर आए। विजय ने तमिलनाडू को नशामुक्त बनाने के संदेश के साथ मरीना बीच पर आयोजित 6 किलोमीटर की रन में हिस्सा लिया। 52 वर्षीय विजय थलापति ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच हजारों छात्र-छात्राओं के साथ दौड़ लगाई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं।
इससे दो दिन पहले भी विजय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने 300 नई सरकारी बसों को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम के दौरान विजय एक आम यात्री की तरह बस में चढ़े और कंडक्टर से टिकट मांगा। कंडक्टर ने उन्हें मुख्यमंत्री होने का हवाला देते हुए टिकट देने से मना कर दिया, लेकिन विजय ने कहा कि “मैं भी टिकट लूंगा, मैं जनता का सेवक हूं, मालिक नहीं।” इसके बाद उन्होंने कंडक्टर की पीठ थपथपाई और उसके साथ कुछ देर बातचीत भी की। मुख्यमंत्री बनने के बाद से विजय थलापति लगातार अपने फैसलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा में हैं। बकरीद के बाद अब मुहर्रम के दौरान भी उनके फैसलों और भाईचारे का संदेश देने वाली तस्वीरों की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।




